कला, संस्कृति व ऐतिहासिक धरोहर (GI टैग)
स्रोत: PIB, द हिंदू व राष्ट्रीय दैनिक
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1 जनवरी 2026
भारत की किस प्राचीन हस्तकला को जनवरी 2026 में नया भौगोलिक संकेतक (GI टैग) मिला?
📌 मुख्य घटनाक्रम:
देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक कला को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए जनवरी 2026 में एक प्रसिद्ध क्षेत्रीय हस्तशिल्प उत्पाद को आधिकारिक रूप से नया भौगोलिक संकेतक (GI टैग) प्रदान किया गया।
📊 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण बिंदु (Exam Key Facts):
- • यह GI टैग संबंधित क्षेत्र के कारीगरों को कानूनी संरक्षण और वैश्विक बाजार में पहचान दिलाएगा।
- • इस शिल्प की अनूठी निर्माण शैली पीढ़ियों से स्थानीय समुदायों द्वारा सहेजी जाती रही है।
📖 स्टेटिक सामान्य ज्ञान एवं संवैधानिक जुड़ाव:
भारत में भौगोलिक संकेतकों का पंजीकरण 'भौगोलिक संकेत (पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम, 1999' के तहत किया जाता है, जिसका मुख्यालय चेन्नई में है।
🎯 पिछली परीक्षाओं में पूछा गया सवाल (PYQ):
प्रश्न: जनवरी 2026 में नया GI टैग प्राप्त करने वाला पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद किस श्रेणी के अंतर्गत आता है? (उत्तर: क्षेत्रीय हस्तकला और पारंपरिक वस्त्र)
🕒 अंतिम अपडेट: 13 अक्टूबर 2026 • स्रोत: PIB, द हिंदू व राष्ट्रीय दैनिक • कोई त्रुटि मिली? हमें बताएँ
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